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अस्थमा क्या है? [अस्थमा के लक्षण, उपचार और रोकथाम]

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भारत में एक बड़ी आबादी अस्थमा से जूझ रही है। अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता पर मैनेजमेंट सम्भव है। अस्थमा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जानने के लिए पढ़िए यह ब्लॉग, जिसमें हमारी मेडिकल एक्सपर्ट दे रही हैं सभी सवालों के जवाब।

Doctor

Dr. Ankita Naik Khodke

Hospital / Clinic

Dr. Ankita Homeopathic Clinic, Nashik

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Duration : approx 12 minutes

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GMoney Anchor - जी मनी हेल्थ शो में मैं मीनाक्षी, आपका बहुत-बहुत स्वागत करती हूँ। एंड हमारा शो देखने से पहले यूट्यूब पेज को लाइक शेयर सब्सक्राइब ज़रूर कीजिये। सबसे पहले बुलाती हूँ डॉक्टर अंकिता नायक खोडके को जो की डायरेक्टर हैं। डॉक्टर अंकित होम्योपैथिक क्लिनिक में पिछले 6 साल से प्रैक्टिस कर रही हैं, सो हैलो डॉक्टर, बहुत बहुत स्वागत है आपका, जी मनी हेल्थ शो में।

Dr. Ankita Naik Khodke – हैलो थैंक यू सो मच फॉर द वॉर्म वेलकम।

GMoney Anchor - होम्योपैथी के बारे में हम सबने बचपन से सुना है कि जिन बीमारियों का इलाज जड़ से अगर खत्म करना हो, तो उसके लिए हमेशा होमियोपैथी का सहारा लिया जाता है, आप मुझे ये बताइए की अस्थमा क्या है? और किस तरह से इसका होम्योपैथिक ट्रीटमेंट होता है ?

asthma treatments

Dr. Ankita Naik Khodke – अस्थमा एक एलर्जी है जिसकी वजह से आपके फेफड़ों पर असर होता है। यह एक क्रोनिक कंडीशन है। अगर कोई एलर्जेन आपके संपर्क में आता है, जिसकी वजह से इंटरनल सूजन आ जाती है और उसकी वजह से हमारा जो एयरवेज़ हैं, जहाँ से हम लोग सांस ले रहे हैं, उसमें अंदर सूजन आ गई। यह किसी भी एलर्जेन के कारण हो सकता है और सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है।

GMoney Anchor - क्या अस्थमा के प्रकार भी होते हैं?

Dr. Ankita Naik Khodke अस्थमा में फिलहाल तो चाइल्डहुड अस्थमा कॉमन है। फिर ऑक्यूपेशनल अस्थमा एक है जो आप कोई फैक्टरी में काम कर रहे हो, जैसे केमिकल फैक्टरी हो गया, मेटल फैक्टरी हो गया या फिर कोई बेकरी फूड इंडस्ट्री, जिसकी वजह से वहाँ से आपको कोई अस्थमा हो रहा है तो वो ऑक्यूपेशनल अस्थमा होता है। सीसनल अस्थमा भी होता है जो सीज़न चेंज होने के बाद विंटर में हो रहा है। रेनी सीज़न में अगर आपको कम्प्लेन्ट्स दिख रही है तो वो सीज़नल अस्थमा है और एक्सर्साइज़ इंड्यूस्ड अस्थमा भी होता है। तो जैसे अगर आप बहुत हेवी वर्कआउट करते हो और उसके बाद आप ब्रेथलेस महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर को बताएं।

GMoney Anchor - बहुत अच्छी तरीके से आपने एक्सप्लेन किया कि अलग अलग टाइप्स के अस्थमा कौन से हैं? अस्थमा के लक्षण क्या होते हैं? कैसे पता चलता है कि नॉर्मल है या वाक़ई फिर सांस लेने में दिक्कत हो रही है या फिर वो अस्थमा की तरफ जा चुकी है?

Dr. Ankita Naik Khodke जैसे अगर कोई डस्ट से कॉन्टैक्ट मैं आ रहा है फॉर एग्जांपल ले रही हूँ, सो अगर डस्ट के कॉन्टैक्ट में आने के बाद उनको पहले नॉर्मल खांसी होती है या फिर रनिंग नोस हो रहा है, स्नीजिंग हो रही है लेकिन आफ्टर द लॉन्ग टाइम पीरियड ये सब चीजें बार-बार होने के बाद उनका जो सिस्टम है वो ओवर सेंसिटिव हो जाता है। सो अगर वो एलर्जेन के कॉन्टैक्ट में बार बार आ रहा है,तो लक्षण और भी अधिक नज़र आते हैं। और सीरियस हो सकते हैं। चेस्ट में टाइटनेस महसूस होती है, हार्टबीट बहुत तेज़  हो जाती है तो उसकी वजह से पसीना आता है। फिर सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है और उनका चेहरा नीला हो जाता है। होंठ भी नीले हो जाते हैं क्योंकि शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है।

GMoney Anchor - क्या अस्थमा का कोई कारण भी होता है या फिर यह जेनेटिक है।

types of asthma

Dr. Ankita Naik Khodke अगर पेरेंट्स को हो रही है तो क्या बच्चों को आने की टेंडेंसी बढ़ जाती है या फिर अगर किसी चीज़ से ज़्यादा हो रहा है जैसे किसी डस्ट पार्टिकल या कोई भी और वजह तो अस्थमा के आसार बढ़ जाते हैं।

यस जैसे मैंने बोला एनवायरनमेंट फैक्टर होते हैं, जैसे धूल है। चेंज ऑफ वेदर हो गया, जैसे जेनेटिक भी होता है,अगर फैमिली हिस्ट्री में पैरेंट्स को या फिर दादा दादी को किसी को अस्थमा है तो इट कैन ट्रैवल, उसके बाद कुछ साइकोलॉजिकल फैक्टर भी हैं। हार्ट बीट बहुत तेज़ हो जाती है

GMoney Anchor - इसका ट्रीटमेंट कैसे होता है ?

Dr. Ankita Naik Khodke ओके ऐक्चूअली होम्योपैथी है जिसमें साइनस भी है। अब अगर बारिश है और तीन लोग बारिश में भीग रहे तो सबको सर्दी नहीं होगी। एक को सर्दी होगी, किसी को खांसी होगी, किसी को कुछ भी नहीं होगा। बॉडी की ओवर सेन्सिटिविटी रिड्यूस करने में होम्योपैथी बहुत मदद करता है और ये जो रिस्पॉन्स है वो इम्यून सिस्टम से आता है। तो अगर आपकी इम्युनिटी अच्छी हो तो ये सब कहीं ना कहीं कम होगी ऐसा नहीं है की हर समय मरीज़ में वो लक्षण दिखाई दें । और अगर कोई मेडिसिन चालू है, जैसे कोई इनहेलर या कोई और मेडिसिन, अस्थमा के अटैक की फ्रिक्वेन्सी कम करने में भी होम्योपैथी बहुत अच्छे से हेल्प करती है।

GMoney Anchor - अच्छा एक चीज़ तो आई थिंक हम सबने बचपन से सुनी है होम्योपैथी के बारे में। इन दवाओं का कभी कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है। आपने बहुत अच्छे तरीके से मुझे समझाया आप यह बताइए क्या अस्थमा के कोई ट्रिगर फैक्टर भी हैं।

Dr. Ankita Naik Khodke अस्थमा का अगर आप को ट्रिगर समझना है तो थोड़ी मेहनत करनी होगी।आपको हेल्दी डाइट की तरफ जाना है, जिसमें फ्रेश फ्रूट्स, वेजिटेबल्स भी शामिल हैं। इसमें भी अगर आप विटामिन डी, मैग्नीशियम,ओमेगा थ्री फैटी एसिड से भरपूर खाना खाते हैं तो बेहतर महसूस करेंगे। अगर बॉडी हाइड्रेट है तो कोई मुश्किल नहीं आएगी।

GMoney Anchor - एक चीज़ मैंने सुनी है की अस्थमा के ट्रीटमेंट के लिए होम्योपैथी सबसे अच्छा ऑप्शन है, जिसके कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं होते हैं।

Dr. Ankita Naik Khodke यस इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं, यह ट्रीटमेंट बहुत स्लो ऐक्ट करती है। अस्थमा का एक्यूट केस भी होम्योपैथी से कंट्रोल किया जा सकता है।

GMoney Anchor - थैंक यू सो मच। बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके और आपने अपने बिज़ी शेड्यूल से इतना टाइम निकाला। हमारी पूरी टीम तहे दिल से आपका शुक्रिया अदा करना चाहती है। थैंक यू सो वेरी मच। थैंक यू, थैंक यू। और जैसा कि एक्सपर्ट ने कहा कि हमें फ्रेश फ्रूट्स, फ्रेश वेजिटेबल्स, ओमेगा थ्री विटामिन्स, मिनरल्स, न्यूट्रिएंट्स ये सारे जरूर खाने चाहिए। अगर आप लोगों को शो अच्छा लगा है, हमारे यूट्यूब पेज को ज़रूर लाइक, शेयर, सब्सक्राइब कीजिए। अगर शो के बारे में कोई सजेशन देना चाहते हैं या फिर अगर किसी और डिजीज के बारे में आपको जानना चाहते हैं कॉमेंट्स सेक्शन में जरूर लिख सकते हैं। तब तक आप अपना ख्याल रखिये, मैं नेक्स्ट शो में आउंगी एक नए मल्टी स्पेशलिस्ट डॉक्टर के साथ और अपना ख्याल रखिये। अच्छी सेहत, हमारा वादा।

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